अक्सर हमारे दिमाग में जब नकारात्मक भावनायें आती
है
तो हमारा दिमाग एकदम दर्द/अशांत की स्थिति
में होता है
यह इसलिए होता है।क्योंकि हम किसी चीज
जो कि negativity thinking की ऊर्जा की होती है उसी को बार बार
याद करते रहते है ।
जिससे कि दिमाग का संतुलन बिगड जाता है
जिससे हम
1_अनिद्रा
2_बेचैनी
3_गुस्सैल
4_चिड़चिड़ापन
जैसे हो जाते। है
और नशा या फिर बुरी आदतों के अधीन हो
जाते
है।
या। लत लग जाती है ।
इसलिए इससे बचने केेे लिए
और।
हमारा मानसिक संतुलन को सही करने के लिए
आपको ध्यान को दिमाग से हटाना जरूरी
होता है। लेकिन यह इतना सरल नहीं है
क्योंकि
ध्यान के लिए आसन और शांत
वातावरण एक जैसा हमेसा नहीं होता
इसलिए मैं
आपको simple और सरल
उदाहरण देता
हू आप जहा
भी हो जैसे भी हालत में
आप
को
बस
थोड़ी देर
आंख
बंद करके कुछ
हटकर अलग सोचना है। या फिर अपने
माथे पर देखते रहना
बस कुछ मिनट तक
आपको आराम मिलेगा
और आपकी परेशानी भी दूर हो जाएगी
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